Thursday, 30 November 2017

Ye karenge to hamesha jeet aapki hogi-Haar ko jeet mein kaise badle- How to win always

Hillarious funny jokes-Chutkule jokes in hindi-Jokes in hindi

Ghar baithe 30000 rupees kamane ka mouka-सरकार दे रही घर बैठे 30000 रुपये कमाने का मौका

Husband-wife and lovers jokes-हिन्दी जोक्स-Hindi Jokes-पति-पत्नी और प्रेमी-प्रेमिका के जोक्स

करोड़पति बनने के उपाय-karodpati kaise bane-how to become billionaires

Virat kohli jaisa koi nahi-virat kohli incredible records-kohli best moments-Cricket records

Bahut hi Pyari aur nyari shayari-बहुत ही प्यारी और न्यारी शायरी-प्यारी सी पंक्तियाँ-Very nice lines

Hasi ke thahake-हँसी के ठहाके-Chutkule in hindi-Chutkule jokes in hindi-चुटकुले-जोक्स हिंदी में

Why we forget path in shoping mall-शॉपिंग मॉल की डिजाईन भूलभुलैया क्यों होती है

How to become millionaire with 1 rupee-करोड़पति कैसे बने-how to become billionaires

Thursday, 16 November 2017

Jio new plans hiked by 50 percent-jio all new plan information-jio new offer-Breaking jio news

Airtel smart phone at 1399 Rs-Airtel launched 4G phone-Airtel vs Jio Phone-Airtel smart phone

Pati aur patni ke rishte ko aise nibhaye-पति और पत्नी के रिश्ते को ऐसे निभायें-Husband and wife

How to trace location of any mobile phone-how to locate any mobile-किसी भी मोबाइल की लोकेशन पता करें

How to loss weight in 7 days-7 din mein vajan kaise kam kare-वजन कैसे घटायें-Weight loss speedly

Benifites of drinking hot water-garam pani pine ke fayde-गर्म पानी पीने के फायदे

Dilkhush jokes-दिलखुश जोक्स-chutkule in hindi-चुटकुले हिन्दी में-हिन्दी -chutkule jokes in hindi

Bullet train in India-bullet train in india from mumbai to ahmedabad-Bullet Train-बुलेट ट्रेन

Sundar suvichar-Hindi Suvichar-Suvichar images-Suvichar in hindi images

Best Smartphones under Rs. 10000-Best smartphone in india under Rs 10000-Best 4GB RAM 4G Phone

Wednesday, 15 November 2017

Dhan prapti ke upay-धन प्राप्ति के उपाय-यंत्र सिद्धि-yantra chamtkar-करोड़पति बनने के उपाय

How to be happy always-hamesha khush rahne ke upay-secrets of always happiness

सुविचार-Hindi suvichar in hindi-हिंदी सुविचार-suvichar wallpaper hindi-सुविचार हिंदी में

Gazab ke shandar jokes-चुटकुले हिन्दी में-Jokes in hindi-Funny videos-Chutkule comedy-हिन्दी जोक्स

स्वस्थ जीवन जीने के रहस्य-Swasth jeevan ke sutra-Tips for Happy healthy and long life in Hindi

कमर दर्द के घरेलू उपचार-Desi nuskhe for back pain-How to get rid from back pain by home remedies








मदहोश कर देने वाली शायरी-Madhosh kar dene wali shayari-प्यार की प्यारी शायरी-Pyari pyari shayari

How to unlock any phone without password pin and pattern-किसी भी मोबाइल को बिना पिन के unlock करें

Tuesday, 3 October 2017

Hasi ki fuljhadiya-हँसी की फुलझड़ियाँ-Hillarious funny jokes-Jokes in hindi-हिन्दी में चुटकुले

बहुत ही प्यारी शायरी-Bahut hi pyari shayari-प्यारी सी पंक्तियाँ-Very nice lines-प्यार की पंक्तियाँ

अपनी गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड का whatsapp अपने फोन में कैसे देखें-How to read girlfriend whatsapp?

आत्मविश्वास पर महान विचारकों के महत्वपूर्ण कथन-Best Motivational Quotes on Self confidence

Jokes in hindi-चुटकुले हिन्दी में-Chutkule jokes in hindi-हिंदी में जोक्स

परीक्षा की तैयारी कैसे करें-How to best score in any exam-Useful tips for exams-पढ़ाई का बेस्ट तरीका

मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक है या नहीं कैसे पता करें-Aadhar card linked to mobile number or not?

Don't eat these things by empty stomach-खाली पेट ये चीजे कभी न खाये

किसी भी नंबर की कॉल डिटेल्स कैसे निकालें-Kisi bhi number ki call detail kaise nikale

पति और पत्नी के जबर्दस्त जोक्स-Pati aur patni jokes- Husband and wife jokes-Married life jokes

Tuesday, 25 July 2017

शादीशुदा ज़िंदगी के जोक्स-Married life jokes-पति और पत्नी के चुटकुले-Husband and wife jokes-Chutkule

Reliance Jio 4G feature phone फ्री में मिल रहा है-Get Reliance Jio 4G feature phone absolutely free

Hindi Suvichar in hindi language-सुविचार हिन्दी में-Hindi Suvichar-हिन्दी suvichar-सुविचार

दिल को धड़काने वाली शायरी-Dil ko dhadkane wali shayari-मोहब्बत की शायरी-Pyar mohabbat ki shayari

Sunday, 16 July 2017

Question in IAS Interview-आईएएस इंटरव्यू में सवाल-IAS question in hindi-IAS इंटरव्यू की तैयारी

पति-पत्नी और प्रेमी-प्रेमिका के जोक्स-Husband-wife and lovers jokes-हिन्दी जोक्स-Hindi Jokes

मोहब्बत की प्यारी सी शायरी-Mohabbat ki pyari si shayari-प्यार की प्यार भरी शायरी-Pyar ki shayari

पीले दांतों को सफ़ेद बनाने के आसान घरेलू उपाय-White teeth home remedy-पीले दांतों को कैसे चमकाएँ

चुटकुले हिन्दी में-Chutkule in hindi-हिन्दी जोक्स-Hindi Jokes

Monday, 3 July 2017

कुछ महकती हुई शायरी-Kuch mahakati hui shayari-प्यार की प्यारी सी शायरी-Love Shayari-मोहब्बत शायरी

घर बैठे पैसे कैसे कमाएँ-Best tips for online earning-ऑनलाइन अर्निंग कैसे करें-Earn money online

आपके दिल को छू लेने वाली प्यार की शायरी -Aapke Dil ko choo lene wali pyar ki shayari -शायरी-Shayri

Funny jokes-हिन्दी जोक्स-Jokes in hindi very funny-Chutkule jokes in hindi-चुटकुले हिन्दी में

मोहब्बत की प्यारी सी शायरी-Mohabbat ki pyari si shayari-प्यार की प्यार भरी शायरी-Pyar ki shayari

ज़िंदगी में ये भी एक बार करके जरूर देखें-Life mein ye bhi jarur karke dekhe-Do must in life at once

आपका दिल धड़काने वाली प्यारी सी पंक्तियाँ-Aapka dil dhadkane wali pyari si lines-सुंदर पंक्तियाँ

Funny Jokes ka khazana-चुटकुले हिन्दी में-Jokes in hindi-Funny videos-Chutkule comedy-हिन्दी जोक्स

Saturday, 1 July 2017

यूँ ही बे-सबब न फिरा करो, कोई शाम घर में भी रहा करो- बशीर बद्र

यूँ ही बे-सबब न फिरा करो, कोई शाम घर में भी रहा करो
वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है, उसे चुपके-चुपके पढ़ा करो

कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से

आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा- बशीर बद्र

आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
किश्ती के मुसाफ़िर ने समन्दर नहीं देखा


बेवक़्त अगर जाऊँगा सब चौंक पड़ेंगे

सुनसान रास्तों से सवारी न आएगी- बशीर बद्र

सुनसान रास्तों से सवारी न आएगी
अब धूल से अटी हुई लारी न आएगी

छप्पर के चायख़ाने भी अब ऊंघने लगे

वो चांदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है- बशीर बद्र

वो चांदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है
बहुत अज़ीज़ हमें है मगर पराया है


उतर भी आओ कभी आसमाँ के ज़ीने से

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती ना मिला- बशीर बद्र

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती ना मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी ना मिला


घरों पे नाम थे, नामों के साथ ओहदे थे

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा-बशीर बद्र

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे, वो बेवफ़ा हो जाएगा

हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है,

ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे- बशीर बद्र

ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे
ज़िन्दगी तेरे आस पास रहे

चाँद इन बदलियों से निकलेगा

कोई न जान सका वो कहाँ से आया था- बशीर बद्र

कोई न जान सका वो कहाँ से आया था
और उसने धूप से बादल को क्यों मिलाया था

यह बात लोगों को शायद पसंद आयी नही

लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में- बशीर बद्र

लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में


और जाम टूटेंगे इस शराब-ख़ाने में

अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जायेगा- बशीर बद्र

अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जायेगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझे चाहेगा

तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा

आंसुओं से धुली ख़ुशी की तरह- बशीर बद्र

आंसुओं से धुली ख़ुशी की तरह
रिश्ते होते हैं शायरी की तरह

जब कभी बादलों में घिरता है

ख़ुशबू की तरह आया, वो तेज हवाओं में- बशीर बद्र

ख़ुशबू की तरह आया, वो तेज हवाओं में
माँगा था जिसे हमने दिन-रात दुआओं में

तुम छत पे नहीं आए, मैं घर से नहीं निकला

अच्छा तुम्हारे शहर का दस्तूर हो गया- बशीर बद्र

अच्छा तुम्हारे शहर का दस्तूर हो गया
जिसको गले लगा लिया वो दूर हो गया

कागज में दब के मर गए कीड़े किताब के

कोई चिराग़ नहीं है मगर उजाला है- बशीर बद्र

कोई चिराग़ नहीं है मगर उजाला है
ग़ज़ल की शाख़ पे इक फूल खिलने वाला है

ग़ज़ब की धूप है इक बे-लिबास पत्थर पर

नाम उसी का नाम सवेरे शाम लिखा- बशीर बद्र

नाम उसी का नाम सवेरे शाम लिखा
शे’र लिखा या ख़त उसको गुमनाम लिखा

उस दिन पहला फूल लिखा जब पतझड़ ने

किताबें, रिसाले न अख़बार पढ़ना- बशीर बद्र

किताबें, रिसाले न अख़बार पढ़ना
मगर दिल को हर रात इक बार पढ़ना

सियासत की अपनी अलग इक ज़बाँ है

सात रंगों के शामियाने हैं- बशीर बद्र

सात रंगों के शामियाने हैं
दिल के मौसम बड़े सुहाने हैं

कोई तदबीर भूलने की नहीं

इबादतों की तरह मैं ये काम करता हूँ- बशीर बद्र

इबादतों की तरह मैं ये काम करता हूँ
मेरा उसूल है, पहले सलाम करता हूँ

मुख़ालिफ़त से मेरी शख़्सियत सँवरती है

याद अब ख़ुद को आ रहे हैं हम- बशीर बद्र

याद अब ख़ुद को आ रहे हैं हम
कुछ दिनों तक ख़ुदा रहे हैं हम

आरज़ूओं के सुर्ख़ फूलों से

परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता- बशीर बद्र

परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता
किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता


बडे लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना

न जी भर के देखा न कुछ बात की- बशीर बद्र

न जी भर के देखा न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की

कई साल से कुछ ख़बर ही नहीं

बहुत पानी बरसता है तो मिट्टी बैठ जाती है

बहुत पानी बरसता है तो मिट्टी बैठ जाती है
न रोया कर बहुत रोने से छाती बैठ जाती है

यही मौसम था जब नंगे बदन छत पर टहलते थे

दालानों की धूप छतों की शाम कहाँ

दालानों की धूप छतों की शाम कहाँ
घर के बाहर घर जैसा आराम कहाँ

बाज़ारों की चहल-पहल से रोशन है

होंठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते

होंठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते
साहिल पे समुंदर के ख़ज़ाने नहीं आते

पलकें भी चमक उठती हैं सोते में हमारी

सर से पा तक वो गुलाबों का शजर लगता है

सर से पा तक वो गुलाबों का शजर लगता है
बावज़ू हो के भी छूते हुए डर लगता है

मैं तिरे साथ सितारों से गुज़र सकता हूँ

सूरज चंदा जैसी जोड़ी हम दोनों

सूरज चंदा जैसी जोड़ी हम दोनों
दिन का राजा रात की रानी हम दोनों

जगमग जगमग दुनिया का मेला झूठा

वो शाख़ है न फूल, अगर तितलियाँ न हों

वो शाख़ है न फूल, अगर तितलियाँ न हों
वो घर भी कोई घर है जहाँ बच्चियाँ न हों

पलकों से आँसुओं की महक आनी चाहिए

आँखों को इंतज़ार की भट्टी पे रख दिया

आँखों को इंतज़ार की भट्टी पे रख दिया
मैंने दिये को आँधी की मर्ज़ी पे रख दिया

आओ तुम्हें दिखाते हैं अंजामे-ज़िंदगी

रोने में इक ख़तरा है, तालाब नदी हो जाते हैं

रोने में इक ख़तरा है, तालाब नदी हो जाते हैं
हंसना भी आसान नहीं है, लब ज़ख़्मी हो जाते हैं

इस्टेसन से वापस आकर बूढ़ी आँखें सोचती हैं

मेरी ख़्वाहिश है कि फिर से मैं फ़रिश्ता हो जाऊँ

मेरी ख़्वाहिश है कि फिर से मैं फ़रिश्ता हो जाऊँ
माँ से इस तरह लिपट जाऊं कि बच्चा हो जाऊँ

कम-से कम बच्चों के होठों की हंसी की ख़ातिर

बहुत पानी बरसता है तो मिट्टी बैठ जाती है

बहुत पानी बरसता है तो मिट्टी बैठ जाती है
न रोया कर बहुत रोने से छाती बैठ जाती है

यही मौसम था जब नंगे बदन छत पर टहलते थे

इश्क है तो इश्क का इजहार होना चाहिये

इश्क है तो इश्क का इजहार होना चाहिये
आपको चेहरे से भी बीमार होना चाहिये

आप दरिया हैं तो फिर इस वक्त हम खतरे में हैं

मुहाजिर हैं मगर हम एक दुनिया छोड़ आए हैं

मुहाजिर हैं मगर हम एक दुनिया छोड़ आए हैं
तुम्हारे पास जितना है हम उतना छोड़ आए हैं

कहानी का ये हिस्सा आजतक सब से छुपाया है

बुलन्दी देर तक किस शख़्स के हिस्से में रहती है

बुलन्दी देर तक किस शख़्स के हिस्से में रहती है
बहुत ऊँची इमारत हर घड़ी ख़तरे में रहती है

बहुत जी चाहता है क़ैद-ए-जाँ से हम निकल जाएँ

हमारा तीर कुछ भी हो निशाने तक पहुँचता है

हमारा तीर कुछ भी हो निशाने तक पहुँचता है
परिन्दा कोई मौसम हो ठिकाने तक पहुँचता है

धुआँ बादल नहीं होता कि बादल दौड़ पड़ता है

भरोसा मत करो साँसों की डोरी टूट जाती है

भरोसा मत करो साँसों की डोरी टूट जाती है
छतें महफ़ूज़ रहती हैं हवेली टूट जाती है

मुहब्बत भी अजब शय है वो जब परदेस में रोये

मुझको हर हाल में बख़्शेगा उजाला अपना

मुझको हर हाल में बख़्शेगा उजाला अपना
चाँद रिश्ते में तो लगता नहीं मामा अपना

मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू

तू हर परिन्दे को छत पर उतार लेता है

तू हर परिन्दे को छत पर उतार लेता है
ये शौक़ वो है जो ज़ेवर उतार लेता है

मैम आसमाँ की बुलन्दी पे बारहा पहुँचा

हँसते हुए माँ-बाप की गाली नहीं खाते

हँसते हुए माँ-बाप की गाली नहीं खाते
बच्चे हैं तो क्यों शौक़ से मिट्टी नहीं खाते

तुमसे नहीं मिलने का इरादा तो है लेकिन

इश्क़ में राय बुज़ुर्गों से नहीं ली जाती

इश्क़ में राय बुज़ुर्गों से नहीं ली जाती
आग बुझते हुए चूल्हों से नहीं ली जाती

इतना मोहताज न कर चश्म-ए-बसीरत मुझको

तितली ने गुल को चूम के दुल्हन बना दिया

तितली ने गुल को चूम के दुल्हन बना दिया
ऐ इश्क़ तूने सोने को कुन्दन बना दिया

तेरे ही अक्स को तेरा दुश्मन बना दिया

हम सायादार पेड़ ज़माने के काम आए

हम सायादार पेड़ ज़माने के काम आए
जब सूखने लगे तो जलाने के काम आए

तलवार की नियाम कभी फेंकना नहीं

जिस्म का बरसों पुराना ये खँडर गिर जाएगा

जिस्म का बरसों पुराना ये खँडर गिर जाएगा
आँधियों का ज़ोर कहता है शजर गिर जाएगा

हम तवक़्क़ो से ज़ियादा सख़्त-जाँ साबित हुए

कभी थकन के असर का पता नहीं चलता

कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता

वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया

बंद कर खेल-तमाशा हमें नींद आती है

बंद कर खेल-तमाशा हमें नींद आती है
अब तो सो जाने दे दुनिया हमें नींद आती है

डूबते चाँद-सितारों ने कहा है हमसे

उनसे मिलिए जो यहाँ फेर-बदल वाले हैं

उनसे मिलिए जो यहाँ फेर-बदल वाले हैं
हमसे मत बोलिए हम लोग ग़ज़ल वाले हैं

कैसे शफ़्फ़ाफ़ लिबासों में नज़र आते हैं

मियाँ मैं शेर हूँ शेरों की गुर्राहट नहीं जाती

मियाँ मैं शेर हूँ शेरों की गुर्राहट नहीं जाती
मैं लहजा नर्म भी कर लूँ तो झुँझलाहट नहीं जाती

मैं इक दिन बेख़याली में कहीं सच बोल बैठा था

न जाने कैसा मौसम हो दुशाला ले लिया जाये- मुनव्वर राना

न जाने कैसा मौसम हो दुशाला ले लिया जाये
उजाला मिल रहा है तो उजाला ले लिया जाये

चलो कुछ देर बैठें दोस्तों में ग़म जरूरी है

अजब दुनिया है नाशायर यहाँ पर सर उठाते हैं- मुनव्वर राना

अजब दुनिया है नाशायर यहाँ पर सर उठाते हैं
जो शायर हैं वो महफ़िल में दरी- चादर उठाते हैं

तुम्हारे शहर में मय्यत को सब काँधा नहीं देते

आँखों में कोई ख़्वाब सुनहरा नहीं आता-मुनव्वर राना

आँखों में कोई ख़्वाब सुनहरा नहीं आता
इस झील पे अब कोई परिन्दा नहीं आता

हालात ने चेहरे की चमक छीन ली वरना

साथ अपने रौनक़ें शायद उठा ले जायेंगे- मुनव्वर राना

साथ अपने रौनक़ें शायद उठा ले जायेंगे
जब कभी कालेज से कुछ लड़के निकाले जायेंगे

हो सके तो दूसरी कोई जगह दे दीजिये

साथ अपने रौनक़ें शायद उठा ले जायेंगे

साथ अपने रौनक़ें शायद उठा ले जायेंगे
जब कभी कालेज से कुछ लड़के निकाले जायेंगे

हो सके तो दूसरी कोई जगह दे दीजिये
आँख का काजल तो चन्द आँसू बहा ले जायेंगे

कच्ची सड़कों पर लिपट कर बैलगाड़ी रो पड़ी
ग़ालिबन परदेस को कुछ गाँव वाले जायेंगे

हम तो एक अखबार से काटी हुई तसवीर हैं
जिसको काग़ज़ चुनने वाले कल उठा ले जायेंगे

हादसों की गर्द से ख़ुद को बचाने के लिये
माँ, हम अपने साथ बस तेरी दुआ ले जायेंगे


- मुनव्वर राना

गौतम की तरह घर से निकल कर नहीं जाते- मुनव्वर राना

गौतम की तरह घर से निकल कर नहीं जाते
हम रात में छुपकर कहीं बाहर नहीं जाते

बचपन में किसी बात पर हम रूठ गए थे

उसने लिक्खे थे जो ख़त कापियों में छोड़ आए- मुनव्वर राना

उसने लिक्खे थे जो ख़त कापियों में छोड़ आए
हम आज उसको बड़ी उलझनों में छोड़ आए

अगर हरीफ़ों में होता तो बच भी सकता था

मेरे कमरे में अँधेरा नहीं रहने देता- मुनव्वर राना

मेरे कमरे में अँधेरा नहीं रहने देता
आपका ग़म मुझे तन्हा नहीं रहने देता

वो तो ये कहिये कि शमशीरज़नी आती थी

Thursday, 29 June 2017

कभी ख़ुशी से खुशी की तरफ़ नहीं देखा- मुनव्वर राना

कभी ख़ुशी से खुशी की तरफ़ नहीं देखा
तुम्हारे बाद किसी की तरफ़ नहीं देखा

ये सोचकर कि तेरा इन्तज़ार लाज़िम है

नाकामियों की बाद भी हिम्मत वही रही- मुनव्वर राना

नाकामियों की बाद भी हिम्मत वही रही
ऊपर का दूध पी के भी ताक़त वही रही

शायद ये नेकियाँ हैं हमारी कि हर जगह

इसी गली में वो भूखा किसान रहता है- मुनव्वर राना

इसी गली में वो भूखा किसान रहता है
ये वो ज़मीन है जहाँ आसमान रहता है

मैं डर रहा हूँ हवा से ये पेड़ गिर न पड़े

कोई चेहरा किसी को उम्र भर अच्छा नहीं लगता- मुनव्वर राना

कोई चेहरा किसी को उम्र भर अच्छा नहीं लगता
हसीं है चाँद भी, शब भर अच्छा नहीं लगता

अगर स्कूल में बच्चे हों घर अच्छा नहीं लगता

वो महफ़िल में नहीं खुलता है तनहाई में खुलता है- मुनव्वर राना

वो महफ़िल में नहीं खुलता है तनहाई में खुलता है
समुन्दर कितना गहरा है ये गहराई में खुलता है


जब उससे गुफ़्तगू कर ली तो फिर शजरा नहीं पूछा

चंद शेर-मुनव्वर राना

1.
हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं
जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं

2.
नये कमरों में अब चीजें पुरानी कौन रखता है

सबके कहने से इरादा नहीं बदला जाता- मुनव्वर राना

सबके कहने से इरादा नहीं बदला जाता
हर सहेली से दुपट्टा नहीं बदला जाता

हम कि शायर हैं सियासत नहीं आती हमको

मुसलसल गेसुओं की बरहमी अच्छी नहीं होती- मुनव्वर राना

मुसलसल गेसुओं की बरहमी अच्छी नहीं होती
हवा सबके लिए ये मौसमी अच्छी नहीं होती

न जाने कब कहाँ पर कोई तुमसे ख़ूँ बहा माँगे

मिट्टी में मिला दे कि जुदा हो नहीं सकता- मुनव्वर राना

मिट्टी में मिला दे कि जुदा हो नहीं सकता
अब इससे ज़्यादा मैं तेरा हो नहीं सकता


दहलीज़ पे रख दी हैं किसी शख़्स ने आँखें

एक औरत ने तेजी से आ रही बस को हाथ दिखाकर रोका...

एक औरत ने तेजी से आ रही बस को हाथ दिखाकर रोका.... 
,
ड्राइवर ने अचानक ब्रेक मारा और पूछा- कहां जाना है ?

पत्नी ने पति से कहा

पत्नी ने पति से कहा :
आप के पास एक भी अच्छा स्वेटर नहीं है...
चलो मार्किट से ले के आते हैं . .
तीन घण्टे वहाँ बिताने के बाद

क्लास के उस बच्चे के लिए हमेशा दिल में इज्ज़त रही ......

क्लास के उस बच्चे के लिए हमेशा दिल में इज्ज़त
रही ......
-.-
जो....

बचपन मे नई नई साइकिल सीखने पर

बचपन मे नई नई
साइकिल सीखने पर
जब कोई पीछे बेठा
हो
तो सबसे ज्यादा बोले
जाना वाली बात..

कल दोस्त दारू पीके घर का ताला खोल रहा था...

कल दोस्त दारू पीके घर का ताला खोल रहा था... 

नहीं खुला तो मैंने कहा कि मैं खोल दूँ...?

तो कहने लगा कि ......

शहर में इतने स्कूल हो गए हैं

आज का ज्ञान :
शहर में इतने स्कूल हो गए हैं ....
.
.
कि..


मैं तो स्मार्ट फोन को उस दिन स्मार्ट मानूंगा....

मैं तो स्मार्ट फोन को उस दिन स्मार्ट मानूंगा....
.
.
.
जब मैं चिल्लाऊंगा: "के हमाओ फोन कहाँ हई?"

आप खुद को कितना भी बड़ा आशिक समझो

आप खुद को कितना भी बड़ा आशिक समझो....
..
.
.
लेकिन...

Fire Brigade में नौकरी मिल गई

एक आदमी को Fire Brigade में नौकरी मिल गई... 
एक औरत ने फोन किया "Hello, मेरे घर पर आग लगी है"

स्मार्ट पति ऐसा होता है

Husband को ऐसा Smart होना चाहिए..... 
पति-पत्नि में झगड़ा हो रहा था।
पत्नि: मैं पूरा घर संभालती हूँ.. किचन संभालती हूँ.. बच्चों को संभालती हूँ.. तुम क्या संभालते हो ?

लड़कियाँ और लड़के

लड़कियाँ ...
लाल रंग की लिपस्टिक के बीस शेड्स में भी आसानी से अंतर बता सकती हैं...
.
.
.
और लड़के....

एक बार एडमिन ने कस्टमर केयर मे फोन

एक बार एडमिन ने कस्टमर केयर मे फोन
किया!
.
लङकी ने फोन उठाया- सर
आपका स्वागत है मैँ आपकी क्या सेवा कर
सकती हूँ ???

एक कंजूस मरीज डॉक्टर की क्लिनिक में गया

एक कंजूस मरीज डॉक्टर की क्लिनिक में गया और बोलाः डॉक्टर साहब आप घर चलने की कितनी फीस लेते हो?
डॉक्टरः तीन सौ रुपये।
कंजूसः ठीक है, चलो।

एक दौर वो भी था ....

एक दौर वो भी था ....

धुप में लेंस लेकर कागज़ जलाने वाला नासा का
वैज्ञानिक

एक बार एक husband और wife

एक बार एक husband और wife बगीचे मे हाथ मे हाथ डाले घूम रहे थे...
.
उसी टाइम एक शरारती बच्चा वहा से गुजरा और बोला-

पति और पत्नी का प्यार

पत्नी को शादी के कुछ साल बाद ख्याल आया,
कि अगर वो अपने पति को छोड़ के चली जाए तो पति
कैसा महसूस करेगा....?

पत्नी -: तबियत ख़राब सी लग रही है

पत्नी -: तबियत ख़राब सी लग रही है ....
.
.
.
.
पप्पू -: ऒह नो ...मैं सोच रहा था कि हम आज


दिलों में आग लबों पर गुलाब रखते हैं

दिलों में आग लबों पर गुलाब रखते हैं
सब अपने चेहरों पे दोहरी नका़ब रखते हैं
हमें चराग समझ कर बुझा न पाओगे
हम अपने घर में कई आफ़ताब रखते हैं

Wednesday, 28 June 2017

दोस्त की बीवी का रूप

एक बार एक आदमी ने अपने सबसे अच्छे दोस्त को घर पर खाने पे बुलाया .. ...
:
वो भी 7 बजे शाम को ऑफिस छुटने के बाद .....
.
:
वो भी बीवी को बिना बताए....


एक आदमी बीमार था

एक आदमी बीमार था... उनको लेकर उनकी पत्नी डॉक्टर के पास पहुंची।
.
डॉक्टर ने मरीज की जांच पड़ताल की और बाहर आकर आदमी की पत्नी से कहा :-

जरा किचन से नमक लेते आना

Wife : जरा किचन से नमक लेते आना.!!
Husband : यहां तो कहीं नमक नहीं है.!!
वाइफ: तुम तो हो ही अंधे, कामचोर हो.! 

ट्रेन में यात्रा के दौरान अगर बाथरूम के पास बाथरूम जाने वालो की भीड़

आज का ज्ञान :
ट्रेन में यात्रा के दौरान अगर बाथरूम के पास बाथरूम जाने वालो की भीड़ लग
जाय तो समझ लो..

पत्नियाँ चाहे 95 मिनट तक
अपनी मम्मी से बात कर लें
लेकिन अंत मे एक बात ज़रूर बोलती हैं....

शोर की इस भीड़ में ख़ामोश तन्हाई-सी तुम

शोर की इस भीड़ में ख़ामोश तन्हाई-सी तुम
ज़िन्दगी है धूप, तो मदमस्त पुरवाई-सी तुम
आज मैं बारिश मे जब भीगा तो तुम ज़ाहिर हुईं
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
अजीब किस्म का अहसास दे गया मुझको
वो खेल-खेल में वनवास दे गया मुझको
लगा के माथे पे मेरे वो रोशनी का तिलक

अब किसे चाहें किसे ढूँढा करें

अब किसे चाहें किसे ढूँढा करें
वो भी आख़िर मिल गया अब क्या करें
हल्की-हल्की बारिशें होती रहें

शादी के जोड़े कौन बनाता है?

पप्पू - यार शादी के जोड़े कौन बनाता है????
,
,
टप्पू - भगवान बनाता है..... 

अपनी पत्नी का दिल कैसे जीतूं

एक लड़के की नई नई शादी हुई...
... 
... 
दोस्त से मशवरा लिया कि अपनी पत्नी का दिल कैसे जीतूं?
... 
... 
दोस्त ने कहा : उसके पास सिगरेट लगा कर जाना.. 

एक आदमी काफी देर से अपने कान से मोबाइल

एक आदमी काफी देर से अपने कान से मोबाइल लगाकर खड़ा था,
पर उसके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल रहा था....
.
काफी देर तक ऐसा होते देख पप्पू से रहा नहीं गया और आखिर वह उस आदमी से बोल ही पड़ा-

घर में रहते हुए ग़ैरों की तरह होती हैं

घर में रहते हुए ग़ैरों की तरह होती हैं
बेटियाँ धान के पौधों की तरह होती हैं
उड़के एक रोज़ बड़ी दूर चली जाती हैं

ये दरवेशों की बस्ती है यहाँ ऐसा नहीं होगा

ये दरवेशों की बस्ती है यहाँ ऐसा नहीं होगा
लिबास ऐ ज़िन्दगी फट जाएगा मैला नहीं होगा
शेयर बाज़ार में कीमत उछलती गिरती रहती है

आदमी आदमी से मिलता है

आदमी आदमी से मिलता है
दिल मगर कम किसी से मिलता है
भूल जाता हूँ मैं सितम उस के

प्यार दिल में है अगर प्यार से दो बात भी हो

प्यार दिल में है अगर प्यार से दो बात भी हो
यों न उमड़ा करें बादल, कभी बरसात भी हो
उनसे परदा है जिन्हें दिल की बात कहनी है

लोग हर मोड़ पे रुक-रुक के संभलते क्यों हैं

लोग हर मोड़ पे रुक-रुक के संभलते क्यों हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं
मैं न जुगनू हूँ, दिया हूँ, न कोई तारा हूँ

कितने ऐश उड़ाते होंगे, कितने इतराते होंगे

कितने ऐश उड़ाते होंगे, कितने इतराते होंगे
जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
यारो कुछ तो बात बताओ उस की क़यामत बाहों की

तन्हा शुरू किया था जो सफर कैसा है

तन्हा शुरू किया था जो सफर कैसा है
दिल में तेरे छुपा हुआ वो डर कैसा है
घर छोड़ के तो आ गये जंगल में अब बता

प्यार की हम तो इशारों से बात करते हैं

प्यार की हम तो इशारों से बात करते हैं
फूल जिस तरह बहारों से बात करते हैं
कुछ तो है और भी इन ख़ाक के पुतलों में ज़रूर

दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती

दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती
ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती
कुछ लोग यूँ ही शहर में हमसे भी ख़फा हैं

बचपन में स्कूल की सुनहरी यादें....

बचपन में स्कूल की सुनहरी यादें.....
कमीज के बटन ऊपर नीचे लगाना
वो अपने बाल खुद न काढ पाना
पी टी शूज को चाक से चमकाना
वो काले जूतों को पैंट से पोछते जाना
ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...
वो बड़े नाखुनो को दांतों से चबाना
और लेट आने पे मैदान का चक्कर लगाना

खून के रिश्ते भी अक्सर अपना असर छोड़ देते हैं

खून के रिश्ते भी अक्सर अपना असर छोड़ देते हैं
शायद इसीलिए कुछ लोग अपना घर छोड़ देते हैं

हम कभी भी कोई बाजी हारते नहीं हैं दोस्तो

सुहाना हो भले मौसम मगर अच्छा नहीं लगता

सुहाना हो भले मौसम मगर अच्छा नहीं लगता
सफ़र में तुम नहीं हो तो सफ़र अच्छा नहीं लगता
फिजा में रंग होली के हों या मंज़र दीवाली के
मगर जब तुम नहीं होते ये घर अच्छा नहीं लगता

क्या जिरह ,क्या फैसले,जुर्म का इकबाल है

क्या जिरह ,क्या फैसले,जुर्म का इकबाल है
असल कातिल फिर बरी है,ये अजब सवाल है
वक़्त का क्या हिसाब दें ,फर्क पैमानों का है 

चांदनी रात में कुछ फीके सितारों की तरह

चांदनी रात में कुछ फीके सितारों की तरह
याद मेरी हैं वहां गुज़री बहारों की तरह
ज़ज्ब होती रही हर बूंद मेरी आँखों में 

तुम झोंपड़ी बनाओ यहाँ देख-भाल कर

तुम झोंपड़ी बनाओ यहाँ देख-भाल कर
गुज़रेंगे लोग आग की लपटें उछाल कर
संवेदना विहीन इस बस्ती में हर कोई

मेरे ख़ुलूस की गहराई से नहीं मिलते

मेरे ख़ुलूस की गहराई से नहीं मिलते
ये झूठे लोग हैं सच्चाई से नहीं मिलते
वो सबसे मिलते हुए हमसे मिलने आता है 

हमने खुद ही खुद को छलना छोड़ दिया

हमने खुद ही खुद को छलना छोड़ दिया
सूरज बनकर रोज़ निकलना छोड़ दिया
नयी सदी के तौर तरीके क्या कहिये
बच्चों ने भी दोस्तों मचलना छोड़ दिया

रास्तों पर यकीन है, पहुँचाएंगे ज़रूर

रास्तों पर यकीन है, पहुँचाएंगे ज़रूर
ये हौसलों के पेड़ हैं लहराएँगे ज़रूर
ये लोग जो अकेले बेख़ौफ़ चल रहे हैं
कुछ तो नया जहाँ में कर जाएँगे ज़रूर

काश ! धरा मैं होती तू वो अम्बर होता

काश ! धरा मैं होती तू वो अम्बर होता
मिलते नहीं कभी तो क्या तू संग-संग हरदम होता
काश कि चकोर मैं होती तू वो चंदा होता
मैं हर पल तुझे ही देखती भले तू दूर ही होता

बेसन की सोंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ

बेसन की सोंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ
याद आती है चौका-बासन, चिमटा फुकनी जैसी माँ
बाँस की खुर्री खाट के ऊपर हर आहट पर कान धरे

आदमी ख़ुद से मिला हो तो गज़ल होती है

आदमी ख़ुद से मिला हो तो गज़ल होती है
ख़ुद से ही शिकवा-गिला हो तो गज़ल होती है
अपने जज्ब़ात को लफ्जों में पिरोने वालो

चन्द सिक्को की खुराफ़ात से क्या होना है

चन्द सिक्को की खुराफ़ात से क्या होना है?
आइए, सोच लें किस बात से क्या होना है?
पर फ़क़त बात से, ज़ज़्बात से क्या होना है?