Wednesday, 28 June 2017

जब पूछ लिया उनसे कि किस बात का डर है

जब पूछ लिया उनसे कि किस बात का डर है,
कहने लगे ऐसे ही सवालात का डर है
हर चीज़ में बिगड़े हुए अनुपात का डर है,

फ़ौलाद की औलाद में ज़ज़्बात का डर है
यह रास्ता बेवास्ता, वह वास्ता बेरास्ता,
रिश्तों में यहाँ खुद से मुलाकात का डर है
है ख़ास ख़बर आज की हो जाओ ख़बरदार,
क़ाग़ज़ पर सुधरते हुए हालात का डर है
हाँ, न्याय का विषपान तो करना ही पड़ेगा,
एथेंस के हज़रात को सुकरात का डर है
- शेरजंग गर्ग

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