Wednesday, 28 June 2017

तन्हा शुरू किया था जो सफर कैसा है

तन्हा शुरू किया था जो सफर कैसा है
दिल में तेरे छुपा हुआ वो डर कैसा है
घर छोड़ के तो आ गये जंगल में अब बता

बरसों बिताये जिसमें वो घर कैसा है
साये पे जो तुम्हारे रखता था हर कदम
मंजिल के तलबगार हमसफर कैसा है
छाँव में जिसकी बैठके बचपन गुजारा था
कुछ याद है ऐ दोस्त वो शजर कैसा है
अल सुबह एक तारा मुझसे ये कहता है
अच्छा हूँ मैं इधर बता तू उधर कैसा है
‘इरशाद’ हर एक शख़्स को अपना बनाता है
ना जाने उसके पास ये हुनर कैसा है
- मोहम्मद इरशाद

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